Monday, 7 September 2026

गाय पर निबंध | Essay on Cow in hindi for shool level

 गाय 


Cow image




*गाय पर निबंध*


*प्रस्तावना:*
गाय एक पालतू पशु है। भारत में गाय को बहुत पवित्र माना जाता है और इसे 'गौ माता' कहा जाता है। यह एक सीधा-सादा और शांत स्वभाव वाला प्राणी है। गाय को भारतीय संस्कृति में माता के समान दर्जा दिया गया है।

*गाय का स्वरूप:*
गाय के चार पैर, दो सींग, दो कान, दो आँखें और एक लंबी पूँछ होती है। उसके गले के नीचे एक लटकता हुआ भाग होता है जिसे गलकंबल कहते हैं। गाय कई रंगों की होती है - सफेद, काली, भूरी और चितकबरी। यह घास, भूसा और अनाज खाती है। गाय के बच्चे को बछड़ा या बछिया कहते हैं जिससे वह बहुत प्रेम करती है।

*गाय से लाभ:*
गाय से हमें अनेक लाभ मिलते हैं।

*1. दूध:* गाय हमें मीठा और पौष्टिक दूध देती है। दूध हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी है। दूध से दही, मक्खन, घी, पनीर और अनेक प्रकार की मिठाइयाँ बनती हैं। माँ के दूध के बाद गाय के दूध को सबसे अच्छा माना जाता है। यह बच्चों और बूढ़ों के लिए अमृत के समान है।

*2. गोबर और गोमूत्र:* गाय के गोबर से उपले बनते हैं जो गाँव में ईंधन के रूप में जलाए जाते हैं। गोबर से उत्तम खाद बनती है जो खेतों को उपजाऊ बनाती है। आजकल गोबर से बायोगैस भी बनाई जाती है जो बिजली और गैस के रूप में काम आती है। गोमूत्र से कई आयुर्वेदिक दवाइयाँ और कीटनाशक बनाए जाते हैं।

*3. खेती में सहायक:* गाय के बछड़े बड़े होकर बैल बनते हैं। बैल किसानों के सच्चे मित्र होते हैं। वे खेतों में हल जोतने और गाड़ी खींचने में मदद करते हैं।

*धार्मिक महत्व:*
हिन्दू धर्म में गाय की पूजा की जाती है। भगवान श्रीकृष्ण को गाय बहुत प्रिय थी, इसलिए उन्हें गोपाल कहा जाता है। दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा और गोपाष्टमी पर गायों की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि गाय के शरीर में तैंतीस करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है।

*उपसंहार:*
गाय सचमुच हमारे लिए वरदान है। वह बिना किसी स्वार्थ के हमें सब कुछ दे देती है। परंतु आजकल लोग गायों को सड़कों पर छोड़ देते हैं, जिससे उन्हें बहुत कष्ट होता है और सड़क दुर्घटनाएँ भी होती हैं। हमें गाय की रक्षा करनी चाहिए। सरकार ने भी गौहत्या पर प्रतिबंध लगाया है।

गाय हमारी अर्थव्यवस्था, धर्म और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमें गाय का सम्मान करना चाहिए और उसकी सेवा करनी चाहिए। हमें गर्व होना चाहिए कि हम उस देश में रहते हैं जहाँ गाय को माता कहा जाता है।


Sunday, 6 September 2026

भला दुल्हा बने श्री राम लखन सहिबाला बने , बनरा, Bhala dulha bane Shri Ram Lakhan sahibala bane, Banna Banni Shaadi Geet

 बनरा 


Marriage



भला दुल्हा बने श्री राम लखन सहिबाला बने  
शीश सोहे जाली का टिका मौरी पे लगे हीरा लाल 
भला दुल्हा बने श्री राम लखन सहिबाला बने
अंग सोहे केसरिया जामा उनके पटके में लगे हीरे लाल 
लखन सहिबाला बने 
भला दुल्हा बने श्री राम लखन सहिबाला बने
कान सोहे हीरा और मोती उनके कुण्डल में लगे हीरा लाल 
लखन सहिबाला बने 
भला दुल्हा बने श्री राम लखन सहिबाला बने
हाथ सोहे सोने का कंगना उनकी घडिया में लगे हीरा लाल 
भला दुल्हा बने श्री राम लखन सहिबाला बने
साथ सोहे सुंदर सी सीता उनके डोला में लगे हीरा लाल 
भला दुल्हा बने श्री राम लखन सहिबाला बने। 


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बनना ले चल ठण्डी नहेर के किनारे, नकटा गीत, Banna le chal thandhi nahar ke kinare, Shaadi me gale jane wale geet

 

नकटा 



बनना ले चल ठण्डी नहेर के किनारे 
बनना वही पे मुझे पायल बनवाना
पायल छम - छम बजेंगे बाराती सारे देखेंगे ठण्डी नहेर के किनारे ...
 बनना ले चल ठण्डी नहेर के किनारे
बनना वही पे मुझे बिछिया बनवाना
बिछिया चम - चम चमकेगी बाराती सारे देखेंगे ठण्डी नहेर के किनारे ...
बनना ले चल ठण्डी नहेर के किनारे 
बनना वही पे मुझे कर्धनीया बनवाना
कर्धनीया छम - छम बजेंगे बाराती सारे देखेंगे ठण्डी नहेर के किनारे ...
बनना ले चल ठण्डी नहेर के किनारे 
बनना वही पे मुझे हरवा बनवाना
हरवा चम - चम चमकेगा बाराती सारे देखेंगे ठण्डी नहेर के किनारे ...
बनना ले चल ठण्डी नहेर के किनारे 
बनना वही पे मुझे झुमके बनवाना
झुमके छम - छम बजेंगे बाराती सारे देखेंगे ठण्डी नहेर के किनारे ...
बनना ले चल ठण्डी नहेर के किनारे 
बनना वही पे मुझे बिंदिया बनवाना
बिंदिया चम - चम चमकेगी बाराती सारे देखेंगे ठण्डी नहेर के किनारे ...
बनना ले चल ठण्डी नहेर के किनारे 
बनना वही पे मुझे शीश फूल बनवाना
शीश फूल चम - चम चमकेगा बाराती सारे देखेंगे ठण्डी नहेर के किनारे ...
बनना ले चल ठण्डी नहेर के किनारे 
बनना वही पे मुझे पायल बनवाना। 
 

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